
नमस्कार मेरे प्यारे किसान भाइयों और बहनों!
आज 11 दिसंबर 2025 है और मैं आप सबके लिए राकोदा मटर मंडी के ताज़ा-ताज़ा भाव लेकर हाज़िर हूँ। सुबह-सुबह मंडी पहुँचा था, ठंड भी खूब थी, लेकिन किसानों का जोश देखकर मन खुश हो गया। ट्रक पर ट्रक मटर आ रही थी और खरीदार भी अच्छी-खासी तादाद में थे। आज का माहौल कल से काफी बेहतर रहा, भाव में भी थोड़ी सी तेजी देखने को मिली है।
चलिये सीधे आज के भाव की बात करते हैं (ये भाव मैंने खुद आढ़तियों और किसानों से कन्फर्म करके लिख रहा हूँ):
★ 50 पेंसिल (सबसे टॉप क्वालिटी) → 42 से 45 रुपये किलो कुछ चुनिंदा लॉट तो 46-47 तक भी बिके, लेकिन वो माल जो बिल्कुल साफ-सुथरा, हरा-भरा और दाना एकदम टाइट था।
★ मीडियम 42 से 45 → 36 से 40 रुपये किलो ये वाला माल सबसे ज्यादा आया था। ज्यादातर किसान भाई इसी रेंज में बेचकर खुश नजर आ रहे थे।
★ देसी मटर → 38 से 40 रुपये किलो देसी में आज थोड़ा अच्छा भाव मिला। जो भाई देसी लेकर आए थे, उनकी मुस्कान देखते ही बनती थी।
★ मीडियम (हल्की क्वालिटी) → 32 से 35 रुपये किलो इसमें थोड़ा-बहुत कचरा या हल्का पीला दाना था, इसलिए भाव थोड़ा कम रहा।
★ हल्का माल → 30 से 32 रुपये किलो ये सबसे निचली क्वालिटी थी। फिर भी 30 से नीचे किसी ने नहीं बेचा, क्योंकि मंडी में डिमांड ठीक-ठाक थी।
कुल मिलाकर आज मंडी में लगभग 220-250 गाड़ी मटर आई होगी। कल से करीब 30-40 गाड़ी ज्यादा। जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, मटर की आवक भी बढ़ती जा रही है, लेकिन खरीदार भी साथ-साथ बढ़ रहे हैं। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, इंदौर तक के व्यापारी आज मंडी में दिखे। कुछ व्यापारी तो बोले कि 15-20 दिन बाद भाव और ऊपर जा सकता है, अगर ठंड इसी तरह पड़ी रही तो।
मेरी सलाह: जिन भाइयों का माल टॉप क्वालिटी का है, वो 2-4 दिन और रुक सकते हैं, क्योंकि लग रहा है भाव में और 2-3 रुपये की तेजी आ सकती है। लेकिन जिनका माल हल्का है या ज्यादा दिन से घर पर पड़ा है, वो आज ही बेच दें, क्योंकि ज्यादा दिन रखने से दाना ढीला होने का डर रहता है।
अंत में यही कहूँगा… मेहनत आपकी है, फसल आपकी है, लेकिन सही जानकारी और सही समय पर बेचने से ही अच्छा मुनाफा होता है। अगर आपको रोज़ाना राकोदा मटर मंडी के सटीक भाव चाहिए, तो मुझे व्हाट्सएप पर जोड़ लीजिए या कमेंट में अपना नंबर छोड़ दीजिए, मैं रोज़ सुबह 11 बजे तक भाव भेज दिया करूँगा।
अपना और अपने परिवार का ख्याल रखिये। जय जवान, जय किसान! अगली रिपोर्ट कल सुबह फिर मिलते हैं।
आपका अपना भाई, रामकिशन (राकोदा मंडी से)