हाल के दिनों में राकोदा मटर मंडी में मटर के भावों में भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे किसानों, व्यापारियों और मंडी से जुड़े अन्य हितधारकों में चिंता का माहौल है। जो मटर कुछ समय पहले तक अच्छे दामों पर बिक रही थी, आज वही मटर अपेक्षाकृत कम भावों में सौदा कर रही है।
पेंसिल मटर का भाव आज का
पेंसिल बेस्ट क्वालिटी मटर 22 से 24 रुपये
मीडियम क्वालिटी 20 से 22 रुपये
हल्की क्वालिटी 16 से 20 रुपये
देसी मटर का भाव आज का
देसी बेस्ट क्वालिटी 17 से 18 रुपये
मीडियम 13 से 16 रुपये
हल्की क्वालिटी मात्र 10 से 12 रुपये
इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण मंडी में आवक का अचानक बढ़ जाना माना जा रहा है। इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण मटर की पैदावार अच्छी हुई है। आसपास के क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में मटर राकोदा मंडी में पहुंच रही है, जिससे सप्लाई बढ़ गई और स्वाभाविक रूप से दामों पर दबाव बना। जब बाजार में माल ज्यादा और खरीदार सीमित हों, तो कीमतों में गिरावट आना आम बात है।
दूसरा अहम कारण व्यापारिक मांग में सुस्ती है। थोक व्यापारी और बाहर की मंडियों से आने वाले खरीदार फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं। कई व्यापारियों का मानना है कि आगे और गिरावट संभव है, इसी आशंका के चलते वे फिलहाल बड़े सौदे करने से बच रहे हैं। इससे मंडी में खरीद कमजोर हुई और भाव और नीचे चले गए।
किसानों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा पीड़ादायक है। उत्पादन लागत, मजदूरी, खाद-बीज और परिवहन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि मटर के भाव उस अनुपात में नहीं मिल पा रहे। खासकर हल्की और मीडियम क्वालिटी मटर उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई किसान उम्मीद लगाए बैठे थे कि सीजन के बीच में भाव सुधरेंगे, लेकिन फिलहाल बाजार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
देसी मटर की बात करें तो बेस्ट क्वालिटी के भाव भी 17 से 18 रुपये के बीच ही सिमटे हुए हैं, जो पहले की तुलना में काफी कम माने जा रहे हैं। हल्की क्वालिटी का 10 से 12 रुपये तक आ जाना यह दर्शाता है कि कमजोर क्वालिटी के माल के लिए बाजार में मांग लगभग न के बराबर रह गई है।
अंत में कहा जा सकता है कि राकोदा मटर मंडी में आई यह भारी गिरावट मौजूदा समय में किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए चुनौती बनी हुई है। जरूरत इस बात की है कि बाजार की स्थिति को समझकर सही समय पर बिक्री या खरीद का निर्णय लिया जाए, ताकि नुकसान को कम किया जा सके और भविष्य में बेहतर लाभ की उम्मीद कायम रखी जा सके।