आज मंडी में मटर के भावों को देखकर यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि बाजार में स्थिरता के साथ-साथ हल्की तेजी का माहौल बना हुआ है।
पेंसिल मटर मंडी भाव
पेंसिल मटर की बेस्ट क्वालिटी का भाव 19 से 20 रुपये प्रति किलो रहा, जो कि इस सीजन के हिसाब से एक मजबूत भाव माना जा सकता है।
मीडियम क्वालिटी पेंसिल मटर 18 से 19 रुपये में बिकी,
जबकि हल्की क्वालिटी का भाव 17 से 18 रुपये रहा।
देसी मटर मंडी भाव
यदि देसी मटर की बात करें तो बेस्ट क्वालिटी देसी मटर का भाव 14 से 15 रुपये रहा, जो कि सामान्य किसानों के लिए संतोषजनक कहा जा सकता है।
मीडियम क्वालिटी देसी मटर 13 से 14 रुपये के बीच रही
हल्की क्वालिटी देसी मटर 12 से 13 रुपये में बिकी।
इन भावों का मुख्य कारण वर्तमान में बाजार में आवक और मांग का संतुलन माना जा सकता है। मंडी में रोजाना सीमित मात्रा में ही माल आ रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ बाहर की मंडियों से भी मांग बनी हुई है। होटल, ढाबे, सब्जी विक्रेता और प्रोसेसिंग यूनिट्स की मांग के कारण पेंसिल मटर खास तौर पर अच्छे दामों पर बिक रही है। यही वजह है कि बेस्ट क्वालिटी पेंसिल मटर 20 रुपये तक पहुंचने में सफल रही।
किसानों के नजरिए से देखा जाए तो यह भाव राहत देने वाले हैं। जिन किसानों ने समय पर अच्छी देखभाल के साथ फसल तैयार की है और जिनका माल क्वालिटी में बेहतर है, उन्हें बाजार में सीधा लाभ मिल रहा है। हालांकि हल्की क्वालिटी के माल में भाव अपेक्षाकृत कम रहे, लेकिन फिर भी यह कहा जा सकता है कि बाजार पूरी तरह से कमजोर नहीं है। किसानों को चाहिए कि वे मटर की तुड़ाई और छंटाई पर विशेष ध्यान दें, ताकि उनका माल बेस्ट या मीडियम क्वालिटी में बिक सके और उन्हें बेहतर दाम प्राप्त हो।
व्यापारियों के लिए भी वर्तमान बाजार संतुलित कहा जा सकता है। भाव न तो बहुत ज्यादा उछाल पर हैं और न ही अचानक गिरावट देखने को मिल रही है। इससे व्यापारियों को भी खरीद-बिक्री में आसानी हो रही है। आगे आने वाले दिनों में यदि मौसम अनुकूल रहा और आवक नियंत्रित रही, तो अच्छे माल के भावों में और मजबूती देखी जा सकती है। वहीं यदि अचानक आवक बढ़ती है, तो मीडियम और हल्की क्वालिटी पर थोड़ा दबाव बन सकता है।
कुल मिलाकर, दिए गए भाव मंडी में सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। पेंसिल मटर खासकर बेस्ट क्वालिटी में मजबूत स्थिति में है, जबकि देसी मटर भी स्थिर भावों के साथ बाजार में टिकी हुई है। किसानों के लिए यह समय सोच-समझकर बिक्री करने का है और व्यापारियों के लिए गुणवत्तापूर्ण माल पर ध्यान देने का। आने वाले समय में बाजार की दिशा काफी हद तक आवक, मौसम और बाहरी मांग पर निर्भर करेगी, लेकिन फिलहाल स्थिति संतोषजनक और उम्मीद के अनुरूप कही जा सकती है।