राकोदा हरी मटर मंडी में आज के दिन भाव में किसी प्रकार का बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला और बाजार सामान्य स्थिति में बना रहा। आज मंडी में हरी मटर की आवक और मांग में संतुलन दिखाई दिया, जिसके कारण दाम लगभग बीते दिनों के स्तर पर ही टिके रहे। व्यापारियों और किसानों दोनों के लिए यह स्थिति राहत भरी कही जा सकती है, क्योंकि अचानक गिरावट या तेज़ी से अनिश्चितता बढ़ती है, जबकि स्थिर भाव से भविष्य की योजना बनाना आसान होता है।
पेंसिल मटर मंडी भाव
बेस्ट क्वालिटी पेंसिल मटर के भाव 17 से 19 रुपये प्रति किलो रहे, वहीं कुछ इक्का-दुक्का सौदे 20 रुपये तक भी दर्ज किए गए।
मीडियम क्वालिटी पेंसिल मटर आज 16 से 17 रुपये
वहीं हल्की क्वालिटी पेंसिल मटर के भाव 14 से 16 रुपये प्रति किलो रहे
देसी मटर मंडी भाव
अगर देसी हरी मटर की बात करें तो देसी बेस्ट क्वालिटी के भाव आज 15 से 16 रुपये
देसी मटर की मीडियम क्वालिटी 13 से 15 रुपये
हल्की क्वालिटी भी लगभग 13 से 15 रुपये
भाव समान रहने का एक बड़ा कारण मौसम की स्थिति और आवक का नियंत्रण भी माना जा सकता है। हाल के दिनों में न तो अत्यधिक बारिश हुई है और न ही कोई बड़ा मौसमीय व्यवधान सामने आया है, जिससे फसल की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़े। साथ ही किसानों ने भी एक साथ अधिक माल मंडी में नहीं उतारा, जिससे सप्लाई दबाव नहीं बना। दूसरी ओर, होटल, रेस्टोरेंट और शहरी बाजारों से मांग लगातार बनी हुई है, जिसने भाव को सहारा दिया।
व्यापारियों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों तक यदि यही स्थिति बनी रही तो भाव इसी स्तर पर टिके रह सकते हैं। हालांकि यदि आवक अचानक बढ़ती है या बाहरी मंडियों से सस्ता माल आने लगता है, तो हल्की गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके विपरीत, यदि मांग में थोड़ी भी तेजी आती है, खासकर बड़े शहरों से, तो बेस्ट क्वालिटी मटर में 1–2 रुपये की बढ़त भी देखी जा सकती है
किसानों के लिए सलाह यही है कि वे जल्दबाजी में माल बेचने के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दें। साफ-सुथरा, अच्छी ग्रेडिंग वाला माल हमेशा बेहतर दाम दिलाता है। वहीं व्यापारियों को भी बाजार की चाल को ध्यान में रखते हुए संतुलित खरीद करनी चाहिए, ताकि अचानक उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सके।
कुल मिलाकर, आज राकोदा हरी मटर मंडी में भाव समान रहने से बाजार में स्थिरता का माहौल रहा। यह स्थिति किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं तीनों के लिए संतोषजनक कही जा सकती है। यदि यही संतुलन आगे भी बना रहता है, तो आने वाले दिनों में हरी मटर का व्यापार सुचारु रूप से चलता रहेगा और मंडी में विश्वास का माहौल बना रहेगा।