खाचरोद हरी मटर मंडी में आई गिरावट, किसानों में चिंता बढ़ी

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मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध खाचरोद कृषि उपज मंडी में इन दिनों मटर के भाव में स्पष्ट गिरावट देखने को मिल रही है। बीते कुछ दिनों से लगातार बनी रही आवक और मांग में कमी के कारण आज बाजार में मटर की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। खासकर पेंसिल मटर और देसी मटर के दामों में गिरावट आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

आज खाचरोद मटर मंडी में मटर की आवक सामान्य से थोड़ी अधिक रही, वहीं व्यापारियों की खरीद सीमित रहने के कारण भाव कमजोर रहे। मंडी में पहुंचे किसानों को उम्मीद थी कि पिछले सप्ताह के मुकाबले भाव स्थिर रहेंगे, लेकिन बाजार में आई गिरावट ने सभी को निराश किया।

खाचरोद मटर मंडी आज के ताज़ा भाव

आज खाचरोद मंडी में मटर के भाव गुणवत्ता के अनुसार इस प्रकार रहे:

बेस्ट क्वालिटी पेंसिल मटर – ₹19, ₹20 से ₹21 प्रति किलो

मीडियम क्वालिटी पेंसिल मटर – ₹16 से ₹18 प्रति किलो

हल्का पेंसिल मटर – ₹13 से ₹16 प्रति किलो

देसी मटर भाव

देसी मटर बेस्ट क्वालिटी – ₹15 से ₹16 प्रति किलो(कभी-कभार ₹17 तक सौदे हुए)

देसी मटर मीडियम क्वालिटी – ₹12 से ₹14 प्रति किलो

देसी मटर हल्का – ₹10 से ₹12 प्रति किलो

इन भावों को देखते हुए साफ कहा जा सकता है कि बाजार में फिलहाल तेजी का माहौल नहीं है और अधिकतर सौदे दबाव में हुए।

  • बाजार में गिरावट के मुख्य कारण

मंडी में लगातार आवक

इस समय क्षेत्र में मटर की कटाई जोरों पर है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। लगातार हो रही आवक के कारण मंडी में सप्लाई ज्यादा हो गई है, जिससे भाव पर असर पड़ा है।

मांग में कमजोरी

दिल्ली, इंदौर, उज्जैन और अन्य बड़े उपभोक्ता बाजारों से अपेक्षित मांग नहीं मिल रही है। थोक व्यापारियों की सीमित खरीद के चलते भाव गिरावट की ओर चले गए।

गुणवत्ता में अंतर

कई किसानों की मटर में नमी और साइज की समस्या देखने को मिली। हल्की और मीडियम क्वालिटी मटर की अधिक आवक होने से अच्छे भाव केवल चुनिंदा बेस्ट लॉट को ही मिल पाए।

स्टॉक का दबाव

कुछ व्यापारियों के पास पहले से स्टॉक मौजूद है, जिस कारण वे नई खरीद में रुचि कम दिखा रहे हैं। इसका सीधा असर मंडी भाव पर पड़ रहा है।

किसानों पर गिरावट का असर

मटर की कीमतों में आई गिरावट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। जिन किसानों ने उन्नत बीज, खाद और सिंचाई पर अधिक लागत लगाई थी, उन्हें वर्तमान भाव निराशाजनक लग रहे हैं।कई किसानों का कहना है कि मौजूदा दाम लागत निकालने में मुश्किल पैदा कर सकते हैं, खासकर हल्की और मीडियम क्वालिटी मटर वाले किसानों के लिए स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण है।

आगे क्या रह सकता है मटर बाजार का रुख?

मंडी जानकारों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक मटर के भाव में ज्यादा सुधार की संभावना कम है। हालांकि यदि:आवक में थोड़ी कमी आती हैबाहर के बाजारों से मांग बढ़ती हैक्वालिटी वाली मटर की आवक बढ़ती हैतो भाव में हल्का सुधार देखा जा सकता है।विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि यदि मटर की क्वालिटी अच्छी है और भंडारण की सुविधा उपलब्ध है, तो कुछ दिन रुककर बिक्री करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

खाचरोद मटर मंडी में आज बाजार में गिरावट देखने को मिली है। पेंसिल मटर और देसी मटर दोनों ही श्रेणियों में भाव दबाव में रहे। बेस्ट क्वालिटी मटर को जहां ठीक-ठाक दाम मिले, वहीं मीडियम और हल्की क्वालिटी मटर के भाव कमजोर रहे।आने वाले दिनों में बाजार का रुख आवक और मांग पर निर्भर करेगा। किसानों को धैर्य रखते हुए सही समय पर निर्णय लेने की जरूरत है, ताकि उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।

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