खाचरोद हरी मटर मंडी भाव 22 दिसंबर 2025

मालवा अंचल की प्रसिद्ध खाचरोद हरी मटर मंडी इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। दिसंबर के इस समय में जब खेतों से मटर की आवक तेज हो जाती है, तब मंडी में रोज़ाना बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुँच रहे हैं। हाल के दिनों में मटर के भावों में जो स्थिति बनी है, उसने किसानों और व्यापारियों – दोनों का ध्यान खींचा है। इस समय मंडी में अलग-अलग क्वालिटी की मटर के भाव साफ तौर पर तय होते दिखाई दे रहे हैं, जिससे बाजार में पारदर्शिता बनी हुई है।

खाचरोद मंडी में हरी मटर के ताज़ा भाव

पेंसिल मटर (बेस्ट क्वालिटी): 24 से 25 रुपये प्रति किलो

पेंसिल मटर (मीडियम): 21 से 23 रुपये प्रति किलो

पेंसिल मटर (हल्की क्वालिटी): 18 से 21 रुपये प्रति किलो

वहीं देसी मटर में भी क्वालिटी के अनुसार भावों में अंतर नजर आया।

देसी मटर बेस्ट क्वालिटी: 18 से 19 और कहीं-कहीं 20 रुपये प्रति किलो तक

देसी मटर मीडियम क्वालिटी: 15 से 18 रुपये प्रति किलो

देसी मटर हल्की क्वालिटी: 13 से 15 रुपये प्रति किलो।

इन भावों से यह साफ है कि अच्छी क्वालिटी की मटर को बाजार में अभी भी बेहतर दाम मिल रहे हैं।

आवक बढ़ी, लेकिन मांग बनी हुई

खाचरोद मंडी में इन दिनों मटर की आवक लगातार बनी हुई है। आसपास के गांवों से किसान सुबह-सुबह अपनी फसल लेकर मंडी पहुँच रहे हैं। आवक बढ़ने के बावजूद मांग में कमी नहीं देखी जा रही है। खासकर बड़े शहरों के व्यापारियों और सब्जी मंडियों से अच्छी क्वालिटी की पेंसिल मटर की मांग बनी हुई है। यही कारण है कि बेस्ट क्वालिटी के भाव अपेक्षाकृत मजबूत बने हुए हैं।

क्वालिटी के अनुसार दाम तय

मंडी में इस समय सबसे बड़ा फैक्टर क्वालिटी बनकर उभरा है। जिन किसानों की मटर आकार में समान, रंग में चमकदार और दाने भरे हुए हैं, उन्हें ऊपरी भाव मिल रहे हैं। वहीं हल्की, छोटी या नमी वाली मटर पर भाव दबाव में दिखाई दे रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में खरीदार अब पहले से ज्यादा क्वालिटी पर ध्यान दे रहे हैं, इसलिए छंटाई और साफ-सफाई का सीधा असर दामों पर पड़ रहा है।

किसानों के लिए क्या है संकेत

मौजूदा हालात किसानों के लिए यह संकेत देते हैं कि अगर फसल की तुड़ाई सही समय पर की जाए और मंडी लाने से पहले अच्छी तरह ग्रेडिंग की जाए, तो बेहतर भाव मिल सकते हैं। विशेष रूप से पेंसिल मटर उगाने वाले किसानों को इस समय थोड़ा धैर्य और सावधानी से काम लेना चाहिए। अगर मटर ज्यादा पक जाए या नमी बढ़ जाए, तो हल्की क्वालिटी में चली जाती है, जिससे दाम कम मिलते हैं।

आगे का बाजार रुख

आने वाले दिनों में जैसे-जैसे और क्षेत्रों से मटर की आवक बढ़ेगी, भावों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि जानकारों का मानना है कि अच्छी क्वालिटी की मटर के भाव अभी पूरी तरह टूटने की संभावना कम है। त्योहारी मांग और शहरों की खपत बाजार को कुछ हद तक सहारा दे सकती है।

कुल मिलाकर खाचरोद मटर मंडी में इस समय संतुलित माहौल बना हुआ है। बेस्ट क्वालिटी पेंसिल मटर 24 से 25 रुपये तक बिकना किसानों के लिए राहत की बात है। वहीं मीडियम और हल्की क्वालिटी में भाव थोड़े दबाव में जरूर हैं, लेकिन बाजार पूरी तरह कमजोर नहीं कहा जा सकता। किसानों के लिए यही सलाह है कि वे बाजार की रोज़ाना जानकारी लेते रहें और सही समय पर अपनी उपज बेचकर बेहतर मुनाफा सुनिश्चित करें।

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