खाचरोद मटर मंडी में भारी गिरावट, बंपर आवक से किसानों में चिंता 19 दिसंबर

खाचरोद मटर मंडी में इन दिनों मटर के भावों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। मंडी में बंपर आवक होने के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर किसानों को मिलने वाले दामों पर पड़ा है। लंबे समय बाद आई इस बड़ी आवक ने व्यापारियों को तो खरीदारी का अवसर दिया है, लेकिन किसान वर्ग इस गिरावट से चिंतित नजर आ रहा है।

आज के खाचरोद मटर मंडी भाव

बेस्ट क्वालिटी पेंसिल मटर: 20 से 22 रुपए प्रति किलो

मीडियम पेंसिल मटर: 18 से 19 रुपए प्रति किलो

हल्का पेंसिल मटर: 16 से 18 रुपए प्रति किलो

इसके अलावा देसी मटर के भाव भी कुछ इस प्रकार रहे:

देसी बेस्ट क्वालिटी: 17 से 19 रुपए प्रति किलो

देसी मीडियम क्वालिटी: 13 से 16 रुपए प्रति किलो

देसी हल्की क्वालिटी: 10 से 12 रुपए प्रति किलो

गिरावट का मुख्य कारण: बंपर आवक

मंडी जानकारों के अनुसार खाचरोद मंडी में इस समय मटर की आवक सामान्य से कहीं अधिक है। आसपास के गांवों में एक साथ फसल तैयार होने के कारण किसान बड़ी संख्या में मटर मंडी लेकर पहुंच रहे हैं। जब आवक ज्यादा हो जाती है और मांग सीमित रहती है, तो स्वाभाविक रूप से भाव नीचे आ जाते हैं।

इसके अलावा मौसम अनुकूल रहने से फसल की गुणवत्ता अच्छी आई है, जिससे बाजार में हर स्तर की क्वालिटी उपलब्ध है। इसका फायदा यह हुआ कि खरीदारों के पास विकल्प बढ़ गए, लेकिन किसानों को उचित भाव नहीं मिल पा रहे।

किसानों की बढ़ती चिंता

भाव गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई किसानों का कहना है कि लागत के मुकाबले मुनाफा कम हो रहा है। खाद, बीज, दवा और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि मटर के दाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिल पा रहे हैं। कुछ किसान मजबूरी में कम भाव पर भी उपज बेच रहे हैं क्योंकि माल रोककर रखने की सुविधा हर किसी के पास नहीं होती।

आगे क्या रह सकता है बाजार का रुख

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में आवक में थोड़ी कमी आती है, तो भावों में हल्का सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं अगर बंपर आवक इसी तरह जारी रही, तो बाजार पर दबाव बना रह सकता है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मंडी की दैनिक जानकारी पर नजर रखें और संभव हो तो अच्छे भाव का इंतजार करें।

कुल मिलाकर खाचरोद मटर मंडी में इस समय बंपर आवक के कारण भारी गिरावट का माहौल बना हुआ है। जहां एक ओर व्यापारी कम भाव में खरीदारी कर रहे हैं, वहीं किसान वर्ग को काफी सोच-समझकर निर्णय लेना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल पूरी तरह आवक और मांग पर निर्भर करेगी। किसानों के लिए जरूरी है कि वे ताजा मंडी भाव की जानकारी लेते रहें और सही समय पर अपनी फसल का विक्रय करें।

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