रतलाम, मध्य प्रदेश का एक प्रमुख कृषि केंद्र, जहां की मंडी हमेशा से किसानों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण रही है। यहां की एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी (APMC) में रोजाना हजारों क्विंटल सब्जियां और फसलें बिकती हैं, और प्याज तो यहां का एक प्रमुख उत्पाद है। दिसंबर का महीना प्याज की नई फसल के लिए जाना जाता है, जब सर्दियों की शुरुआत में किसान अपनी उपज को बाजार में लाते हैं। लेकिन इस साल, 2025 में, प्याज के बाजार में उतार-चढ़ाव ने सबको चौंका दिया है।
आज, 17 दिसंबर 2025 को रतलाम मंडी में प्याज के भाव कुछ इस प्रकार रहे:
बेस्ट क्वालिटी का नया प्याज 25 से 28 रुपये प्रति किलोग्राम,
मीडियम क्वालिटी का प्याज 18 से 22-23 रुपये प्रति किलोग्राम,
और हल्का या कम गुणवत्ता वाला प्याज 4 से 8-10 रुपये प्रति किलोग्राम।
आवक की बात करें तो आज मंडी में 5000 से 6000 कट्टे प्याज पहुंचे, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है लेकिन बाजार की मांग को देखते हुए पर्याप्त नहीं कहा जा सकता।
लेकिन बेस्ट क्वालिटी का नया प्याज 25-28 रुपये पर टिका हुआ है, क्योंकि इसकी मांग शहरों में रेस्तरां और होटलों से ज्यादा है। यह प्याज चमकदार, बड़ा और बिना किसी दोष वाला होता है, जो निर्यात के लिए भी उपयुक्त माना जाता है।मीडियम क्वालिटी का प्याज, जो 18 से 22-23 रुपये पर बिका, वह आमतौर पर घरेलू उपयोग के लिए लिया जाता है। यह थोड़ा छोटा या हल्का सा दाग वाला हो सकता है, लेकिन स्वाद में कोई कमी नहीं।
वहीं, हल्का प्याज 4 से 8-10 रुपये पर उपलब्ध रहा, जो ज्यादातर छोटे व्यापारियों या प्रोसेसिंग यूनिट्स द्वारा खरीदा जाता है। इस क्वालिटी में प्याज थोड़ा सूखा या छोटा हो सकता है, लेकिन यह सस्ता होने के कारण गरीब वर्ग के लिए सुलभ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह विभाजन गुणवत्ता के आधार पर होता है, जो किसानों को अपनी उपज को सही मूल्य पर बेचने में मदद करता है। लेकिन समस्या तब आती है जब आवक ज्यादा हो और मांग कम, जैसा कि इस समय हो रहा है।पूरे भारत में प्याज के बाजार को देखें तो 2025 एक चुनौतीपूर्ण साल रहा। जनवरी से नवंबर तक दाम ऊंचे रहे, लेकिन दिसंबर में क्रैश हुआ
मार्केट ट्रेंड्स को देखें तो प्याज के दाम मौसमी होते हैं। सर्दियों में नई फसल आती है, दाम गिरते हैं; गर्मियों में स्टोरेज इश्यू से ऊंचे जाते हैं। 2025 में, जलवायु परिवर्तन ने भी प्रभाव डाला – अनियमित बारिश से कुछ इलाकों में फसल खराब हुई। डेटा से 13 दिसंबर को रतलाम में 8-12 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव थे, जो आज के 25-28 तक पहुंचना सकारात्मक है। लेकिन पूरे मध्य प्रदेश में औसत 1000-1500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है,
अंत में, रतलाम मंडी आज एक व्यस्त जगह थी, जहां किसान और व्यापारी भाव-ताव कर रहे थे। अगर सरकार भंडारण सुविधाएं बढ़ाए और निर्यात को प्रोत्साहन दे, तो स्थिति सुधर सकती है। लेकिन फिलहाल, बेस्ट क्वालिटी प्याज खरीदने का अच्छा समय है, जबकि हल्के वाले सस्ते विकल्प हैं। यह बाजार की गतिशीलता दर्शाता है कि कृषि में अनिश्चितता हमेशा बनी रहती है। किसानों को समर्थन की जरूरत है, ताकि वे अपनी मेहनत का फल पा सकें। कुल मिलाकर, आज के भाव बाजार की वर्तमान स्थिति का आईना हैं, और आने वाले दिनों में बदलाव संभव है।