खाचरोद मंडी में मटर के भाव धड़ाम 12 दिसंबर 2025: बंपर आवक ने किसानों की कमर तोड़ दी

खाचरोद मंडी में मटर के भाव धड़ाम: बंपर आवक ने किसानों की कमर तोड़ दीखाचरोद (उज्जैन), 12 दिसंबर 2025: आज

खाचरोद कृषि उपज मंडी में हरी मटर के भाव देखकर किसान सिर पकड़कर बैठ गए। जो मटर पिछले हफ्ते 50-55 रुपये किलो तक बिक रही थी, वह आज थोक में महज 29 से 42 रुपये किलो तक ही रह गई। मंडी में सुबह से शाम तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और छोटे-बड़े वाहनों की लाइन लगी रही। अनुमान है कि आज अकेले मटर की आवक 70-75 हजार किलो से ऊपर रही – यानी बंपर से भी ज्यादा बंपर!

आज के भाव कुछ इस तरह रहे:

45 से 47 बेस्ट क्वालिटी पेंसिल (सबसे बढ़िया, चटक हरी और एकसार दाने)

मीडियम पेंसिल लॉट: 40-42 रुपये किलो

हल्का लॉट: 34-40 रुपये किलो

देसी मटर:

देसी मटर: बेस्ट क्वालिटी 34-37 रुपये किलो

साधारण देसी मीडियम: 30-32 रुपये किलो

हल्की और मिली-जुली क्वालिटी: 29-31 रुपये किलो

पिछले 8-10 दिनों में ही भाव में 15-20 रुपये किलो तक की भारी गिरावट आई है। किसान भैया लोग बताते हैं कि नवंबर के आखिरी हफ्ते में अच्छी मटर 55-60 रुपये तक बिकी थी, लेकिन दिसंबर आते-आते जैसे ही पूरे मालवा-निमाड़ में फसल एक साथ तैयार हुई, बाजार बैठ गया।

मंडी में आज सुबह 6 बजे से ही रौनक थी। बड़नगर, नागदा, महिदपुर, झारड़ा, कायथा, घट्टिया – हर तरफ से मटर की बोरियां लेकर किसान आए। एक किसान, रमेश जी परमार (घट्टिया), ने दुखी मन से बताया, “साहब, 4 एकड़ में मटर लगाई थी। लागत ही 25-26 हजार रुपये एकड़ आई। आज 32-33 रुपये किलो मिल रहे हैं, ऊपर से तुड़ाई-छंटाई, बोरी और ढुलाई का खर्चा। घर लाएंगे तो हाथ खाली ही रहेंगे।”

इस भयंकर गिरावट का सबसे बड़ा कारण है – बंपर उत्पादन और एक साथ बाजार में आना। इस बार मौसम ने पूरा साथ दिया। अक्टूबर-नवंबर में ठीक-ठाक ठंडक रही, ओस भी अच्छी पड़ी और कीड़े-रोग भी कम लगे। नतीजा यह हुआ कि मालवा अंचल में इस बार मटर का रकबा भी बढ़ा और प्रति एकड़ उत्पादन भी 20-25 क्विंटल तक पहुंच गया। महाराष्ट्र के नासिक, पुणे और मध्य प्रदेश के इंदौर-देवास संभाग से भी भारी मात्रा में मटर मंडियों की ओर निकल पड़ी है।

व्यापारी भाई लोग भी परेशान हैं। एक पुराने स्टॉक में जो मटर 50-55 में खरीदी थी, वह आज 35-38 में बिक रही है। एक आढ़ती ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “अभी तो माल बेचकर नुकसान काट रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद भेजने का रेट ही नहीं बन रहा। लोकल बाजार में भी होटल और सब्जी वाले कम रेट पर माल ले रहे हैं।”

दूसरी तरफ शहर के उपभोक्ताओं के लिए यह खुशखुशखबरी है। अगले दो-चार दिनों में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, देवास में भी खुदरा बाजार में हरी मटर 50-60 रुपये किलो से घटकर 35-45 रुपये किलो तक आ जाएगी। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

मंडी के एक बुजुर्ग किसान कैलाश चंद्र जी ने आखिर में जो कहा, वह दिल को छू गया, “बेटा, हम तो साल भर मेहनत करते हैं कि अच्छी फसल हो। फसल अच्छी हुई तो दाम गिर गए। अब अगले साल क्या लगाएं, यह भी समझ नहीं आ रहा।”

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